51 Vastu Dosh Remedies | 51 वास्तुदोष निवारण सूत्र

51 Vastu Dosh Remedies | 51 वास्तुदोष निवारण सूत्र  । घर की वास्तु में वास्तु दोष का होना एक सामान्य बात है। कभी कभी यह सामान्य बात ही बड़ी समस्या बनकर आपके सुख चैन को छीन लेता है। जहाँ तक हो सके हमें वास्तु के कुछ सामान्य नियमो को ध्यान में रखकर अपने घर को वास्तु सम्मत बनाना चाहिए। यह भी सही है की घर का पूर्णतः वास्तु सम्मत होना असम्भव तो नहीं परन्तु मुश्किल अवश्य है।

इस बात के लिए मुझे ख़ुशी होती है कि इस आधुनिक युग में वास्तु के प्रति लोगो का रुझान बढ़ रहा है। हालांकि मकान खरीदते समय या घर बनाते समय बहुत कम लोग ही किसी वास्तुशास्त्री के पास जाकर सलाह लेते है। जब मकान खरीद लेते है गृह प्रवेश भी हो जाता है लोग रहने लगते है उसके बाद जब एक के बाद एक समस्या जब उत्पन्न होने लगती है तब लोग वास्तुशास्त्री के पास जाकर अपनी समस्या बताते है और यह भी कहते है की बिना तोड़-फोड़ के समस्या का निवारण कर दीजिये। अब आप ही बताये ऐसी स्थिति में घर का डॉक्टर कितना कुछ कर पायेगा।

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मेरा आपसे सलाह है की जब आप ५० लाख अथवा करोड़ का मकान खरीद सकते है और प्रॉपर्टी डीलर को भी उसी अनुपात में कमीशन दे सकते है तो १०-२० हजार वास्तुशास्त्री को देने में मूर्खता नहीं होगी बल्कि बुद्धिमानी होगी।

वास्तु क्या है ?  घर के अंदर और बाहर  पंचतत्त्वों ( पृथ्वी, जल,अग्नि, वायु और आकाश ) का सामंजस्य ही तो वास्तु है। चूंकि इन्ही तत्त्वों से हमारा शरीर भी बना है। जब घर में पंचतत्त्वों के असामजन्जस्य से दोष उत्पन्न होता है तब उसका प्रभाव मनुष्य के शरीर के वास्तु पर भी होता है परिणामस्वरूप हमारे घर तथा शरीर  का सुख चैन जाने लगता है। घर में रोज-रोज अकारण क्लेश होने लगता है। मानसिक रूप से परेशानी बढ़ जाती है। बिमारी विकराल रूप धारण करने लगता है। आर्थिक हानि होने लगती है इत्यादि इत्यादि। अतः हमे अवश्य ही वास्तु सम्मत घर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

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आज मैं आपको वास्तु के कुछ छोटे टिप्स बताने जा रहा हूं जिसके इस्तेमाल से निश्चित ही आपकी समस्या का समाधान होगा और आप सुखी जीवन व्यतीत करते हुए अपने जीवन यात्रा को गति प्रदान करेंगे।

Vastu Dosh

51 वास्तु दोष निवारणार्थ  प्रमुख सूत्र

  1. गृह प्रवेश के समय वास्तु पूजा अवश्य कराये। यदि आप को लगता है कि आपके घर में वास्तुदोष है तो प्रत्येक वर्ष या प्रत्येक तीन साल पर वास्तु पूजा अवश्य कराते रहना चाहिए।
  2. आप अपने घर में श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ कराये।
  3. अपने मुख्य द्धार के उपर सिंदूर से नौ अंगुल लंबा तथा नौ अंगुल चौड़ा स्वास्तिक का चिन्ह बनाये। यही नहीं जिस जिस स्थान पर वास्तु दोष है वहाँ इस स्वास्तिक चिन्ह का निर्माण करें। ऐसा करने से वास्तुदोष कम हो जाता है।
  4. यदि मुख्य प्रवेश द्वार पर किसी प्रकार का दोष है तो उसे दूर करने के लिए कौड़ी, शंख, सीप लाल कपड़े में या मौली में बांधकर दरवाजे पर लटका देना चाहिए।
  5. घर के मुख्य द्धार पर दोनों दिशा में अशोक के वृक्ष लगाने से संतान की प्राप्ति होती है अर्थात ऐसा करने से वंश की वृद्धि होती है। 
  6. घर के प्रवेश द्वार पर घोड़े की नाल (लोहे की) लगाने से भी वास्तु दोष दूर हो जाती है।
  7. घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए मुख्य द्वार पर गेंदे का पौधा या तुलसी का पौधा लगा देना चाहिए।
  8. यदि आपके घर के उत्तर, पूर्व वायव्य अथवा ईशान कोण में कोई वास्तु दोष है तो तुलसी का पौधा लगा लेने से वास्तुदोष दूर हो जाता है।
  9. यदि आपके मकान में बीम का दोष है तो उसे समाप्त करने के लिए बीम को किसी चीज से ढंक दें तथा बीम के दोनों ओर बांस की बांसुरी लगा देना चाहिए।
  10. यदि आपका रसोई घर गलत दिशा में है तो रसोईघर के अग्निकोण में एक लाल रंग का बल्ब लगा देना चाहिए। इस बल्ब को सुबह-शाम जरूर जलाये।
  11. यदि आप घर में अशांति अथवा धन की कमी महसूस कर रहे हैं तो घर में पान के पत्ते से हल्दी के घोल का छिड़काव करना चाहिए।
  12. अपने घर के मन्दिर में घी का एक दीपक नियमित जलाने से धन धान्य की बृद्धि होती है।
  13. घर में नियमित सुबह और शाम शंख बजाने से नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकल जाती है और धन-धान्य की बृद्धि होती है।
  14. घर में झाडू को वैसे स्थान में न रखें जहाँ किसी के पैर का स्पर्थ हो, पैर के स्पर्श होने से धन-नाश होता है। झाडू के ऊपर कोई भी वस्तु भी नहीं रखना चाहिए।
  15. अपने घर में दीवारों के ऊपर वैसा चित्र लगाए जो देखते ही मन को प्रसन्न हो जाए। इससे घर के प्रमुख अथवा सदस्यो को होने वाली मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
  16. वास्तुदोष के कारण यदि आपके घर के लोगों को रात में नींद नहीं आती है या घर के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ गया हो  तो उसे दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोने से चिड़चिड़ापन दूर हो जाता है। नींद भी खूब आने लगती है। 
  17. अपने घर के ईशान कोण को खुला रखें। इस स्थान को पूरी तरह  से साफ़ सुथरा रखें।इससे घर में शुभत्व की वृद्धि होती है
  18. ईशान कोण में कोई भी भारी वस्तु अथवा भारी मशीनरी न रखें ऐसा करने से धन की हानि होती है।
  19. घर के उत्तर-पूर्व ( ईशान कोण ) में कभी भी कचरा इकट्ठा न होने दें।
  20. यदि आपके मकान में उत्तर दिशा में स्टोररूम है, तो उसे यहाँ से हटा दें.
  21. अपने घर के पश्चिम दिशा या नैऋत्य कोण में स्टोररूम बनाये किसी भी स्थिति में उत्तर दिशा में नहीं होना चाहिए क्योकि उत्तर दिशा में कुबेर का स्थान है और यदि स्टोर रूम बनाते है तो धन की हानि होगी।
  22. यदि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिणमुखी अर्थात दक्षिण दिशा में है तो मुख्य द्धार पर श्वेतार्क गणपति की प्रतिमा लगानी चाहिए।
  23. अपने घर के मंदिर में देवताओं के चित्र आमने-सामने नहीं रखना  चाहिए। 
  24. घर के मंदिर के दीवार का रंग हल्का रखें जैसे नारंगी, हल्का पीला, हल्का नीला अथवा सफेद होना चाहिए।
  25. यदि आपके रसोई घर में सिंक नैऋत्य कोण या अग्नि कोण में है तो वहां से हटाकर उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखे।
  26. यदि आपके रसोई घर में फ्रिज नैऋत्य कोण में रखा है, तो इसे वहां से हटाकर अग्नि कोण में रखे। 
  27. अपने घर के ब्रह्मस्थल पर कोई भी वस्तु न रखे। यह स्थान अन्य स्थान से थोड़ा ऊँचा होना चाहिए इस बात का जरूर ख्याल रखें।
  28. यदि वास्तुदोष जनित घर है तो घर में गूगल जलाये दोष का प्रभाव कम हो जाएगा।
  29. घर में किसी भी कमरे में सूखे हुए फूल नहीं रखना चाहिए। सूखे फूल रखने से आपकी किस्मत भी सूखने लगेगा।
  30. सन्ध्या काल में प्रतिदिन दीप जलाना चाहिए तथा कोई एक मनपसन्द आरती करे यदि आरती में घर के सभी सदस्य शामिल होने से वास्तुदोष कम हो जाता है।
  31. यदि आपके घर के सामने या पास में कोई नाला अथवा कोई नदी हो जिसका बहाव दक्षिण पश्चिम दिशा में है तो यह वास्तु दोष है। अतः आपको चाहिए कि घर के उत्तर-पूर्व कोने में पश्चिम की ओर मुख किए हुए, नृत्य करते हुए गणेश जी की मूर्ति रखें।                                                                             
  32. यदि घर में जल बोरिंग गलत दिशा में है तो तो घर में दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुख किए हुए पंचमुखी हनुमानजी का फोटो लगानी चाहिए। 
  33. यदि बोरिंग गलत दिशा में है तो बोरिंग के चारो तरफ तांबे का पत्तर लगा देना चाहिए। इससे निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा का संचार रूक जाता है और वास्तु दोष दूर हो जाता है।
  34. घर के पूजा स्थान के ईशान कोण में जल रखने घर में सात्विक विचार का संचार होता है।
  35. घर के पूजा स्थान में यदि आप अग्निकोण में दीप प्रज्वलित करते है तो धन-धान्य की वृद्धि होती है।
  36. यदि आपकी नई शादी हुई है तो आपको अपना स्थान वायव्य दिशा में बनाना चाहिए।
  37. घर में वास्तुदोष निवारण यंत्र की स्थापना करनी चाहिए।
  38. घर में यदि धन नहीं रुक रहा है तो तिजोरी इस स्थान पर रखे की खोलते समय तिजोरी का द्वार पूर्व दिशा की ओर खुले।
  39. यदि घर की रसोई  तथा जल की व्यवस्था सही दिशा में हो तो सभी वास्तु दोष को दूर कर देता है। 
  40. यदि आपका सोफा पूरब की दीवार से सटा हुआ है तो कृपया करके उसे दीवार से पांच अंगुल दूर करे रखे।
  41. घर में खाने का स्थान पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए।
  42. खाने का टेबल चौकोर होना चाहिए न की गोल या ओवल।
  43. यदि घर में वास्तु दोष है तो उसके लिए आप पिरामिड यंत्र का प्रयोग कर सकते है।
  44. घर मृतात्मा की प्रतिमा हमेशा दक्षिण दिशा में लगानी चाहिए भूलकर भी पूर्व दिशा या मंदिर में न लगाए।
  45. घर में ऐनक (Mirror) पूर्व दिशा में रखना चाहिए।   
  46. घर में घर के मुखिया का शयन कक्ष दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए न कि अन्य स्थान में।
  47. गाडी का पार्किंग आप उत्तर पूर्व में कर सकते है।
  48. यदि आपके घर का दक्षिण दिशा निचा है तो यह बहुत भरी वास्तु दोष है इससे आपको धन की हानि होगी अतः दक्षिण दिशा में दीवार बनाकर ऊँचा कर देना चाहिए।
  49. उत्तर पूर्व दिशा किसी भी स्थिति में ऊँचा नहीं होना चाहिए।
  50. यदि आप कोई जमीन खरीदे हुये हैं और मकान बनाना चाहते परन्तु मकान बनने का योग नही बन रहा है तो इस स्थिति में यदि वहाँ पर पुष्य नक्षत्र में अनार का पौधा लगा दें तो जल्द ही मकान बनने का  योग बन जाता है।
  51. अगर आपका घर चारों ओर बड़े मकानों से घिरा है तो उनके बीच बांस का लम्बा फ्लैग लगा  देना चाहिए या यदि मकान के चारों ओर खाली जमीन है तो वैसा पेड़ लगाये जो बहुत ऊंचा बढ़ने वाला हो।

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