Rahu Transit 2025 in Aquarius Sign it's Effects on All Zodiac

राहु गोचर 2026 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpio

राहु गोचर 2025 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpioराहु गोचर 2026 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpio. राहु 25 नवम्बर 2026 तक कुम्भ राशि में भ्रमण करते रहेगा । राहु ग्रह की चाल वक्री होती है (जानें ! ग्रह क्यों होते हैं वक्री ?) इसी कारण राहु मीन से कुंभ में प्रवेश करेगा ।

राहु ग्रह दिवास्वप्न, धोखा, नया कार्य, बड़ी बड़ी योजना, बिमारी, समाज में नए विचारों की स्थापना या थोपने जैसी घटना को अंजाम देने वाला ग्रह है। यह जातक को अशुभ और शुभ दोनों परिणाम देने में सक्षम है। किन्तु यह सब जातक की जन्मकुंडली में राहु की स्थिति पर निर्भर करेगा।

आइये जानते है कि राहु का मीन से कुंभ राशि में परिवर्तन से वृश्चिक राशि वाले जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – धन, भाई-बंधू, माता-पिता, व्यवसाय,शिक्षा, परिवार, वैवाहिक जीवन इत्यादि क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा।

राहु गोचर 2026 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpio

राहु गोचर 2026 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit in Taurus 

राहु कुंभ राशि में गोचर किया है। वृश्चिक राशि वाले जातक के लिए यह गोचर चतुर्थ भाव में होगा। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में सुख-शांति , मकान, प्रॉपर्टी, वाहन, कुटुंब, हृदय इत्यादि विषय का सम्बन्ध चौथा भाव से होता है निश्चित ही राहु ग्रह अपने गोचर में उपर्युक्त विषय का फल प्रदान करेगा खासकर तब जब आपकी दशा राहु की चल रही हो।

सामान्य फल

चौथा भाव आपका अपना घर है अतः अशुभ ग्रह के इस स्थान पर आने से आप अपना निवास स्थान बदल सकते हैं । आपका स्थान परिवर्तन हो सकता है। घर का माहौल खराब हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों के बीच भेदभाव बढ़ सकता है। सभी लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे जिसके कारण आपसी मनमुटाव हो सकता है।

राहु आपकी राशि से चतुर्थ भाव में संचार कर रहा है । इस गोचर के परिणामस्वरूप आपके अंदर नए काल्पनिक योजना का दौर शुरू होगा। आप नई योजनाओं को कार्यरूप देने का प्रयास करेंगे। आपमें नए और सृजनात्मक विचार उत्पन्न होंगे। छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होगी।

कला और लेखन से जुड़े व्यक्ति के लिए निश्चित ही लाभकारी सिद्ध होगा। बच्चों में उच्छृखलता बढ़ेगी। संतान अपने माता-पिता को परेशान कर सकते है पढ़ाई के प्रति उनका ध्यान कम रहेगा।

व्यवसाय

चतुर्थ भाव से राहु की दृष्टि दशम स्थान पर है अतः कार्यस्थल पर कुछ नयापन दिखाई दे सकता है। आप अपने कार्यों में कोई न कोई नया प्रयोग कर सकते है जिसका लाभ आपको मिलेगा। राहु के गोचर से आपके कार्य का बोझ तो बढेगा परन्तु कार्य का विस्तार भी होगा। ज्यादा काम के वजह से मानसिक दबाव बढ़ सकता है।

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