शनि का छठे भाव में फल | Saturn Effects in sixth House

शनि का छठे भाव में फल | Saturn Effects in sixth Houseशनि का छठे भाव में फल | Saturn Effects in sixth House. षष्ठ भाव में शनि सामान्यतः शुभ फल प्रदान करता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि छठे भाव में हो तो वह सुंदर, शूरवीर, कामी, ज्यादा खाने वाला, स्वभाव से कुटिल, शत्रुहंता (शत्रुओं को जीतने वाला) होता है। इस स्थान का शनि आपको  अच्छे वक्ता और तर्ककुशल व्यक्ति बना सकते हैं। आपके शत्रु आपसे भयभीत रहेंगे। शत्रु  आपका सम्मान  करेंगे। आपका अपना तर्क होगा न्याय प्रिय व्यक्ति होंगे।

आप शरीर से बलिष्ठ और शक्तिशाली हो सकते है। सामान्यतः आपका  शरीर स्वस्थ्य, सुंदर, पुष्ट होगा। आपकी पाचनशक्ति भी ठीक रहेगा। आप खाने पीने के शौक़ीन होंगे।  इस भाव का वक्री शनि निर्बल हो तो रोग, शत्रु एवं ऋण देने में समर्थ होता है।

षष्ठ शनि वाला जातक गुणवान लोगो कद्र करते हैं। जातक अपने सामर्थ्यानुसार अल्प  मात्रा में दान पुण्य में विश्वास करते है। आप विद्वानों में श्रद्धा रखते हैं परन्तु आप अपने आप को कम नही आंकते है। आप गुणवान और पवित्र कर्म करने वाले होते हैं ।

षष्ठ शनि के विषय में कहा गया है

अल्पज्ञाति: शत्रुक्षयः धनधान्य समृद्धि:   अर्थात जातक के शत्रुओ का नाश होता है तथा जातक धनधान्य से समृद्ध होता है एक बात मै अपने अनुभव से कह सकता हू की व्यक्ति अपने बुद्धि बल और परिश्रम से धीरे धीरे धनी होता है न की अचानक। ऐसा व्यक्ति किसी की बहुत अधिक परवाह नहीं करता है । पराशर मुनि ने भी कहा है — “षष्ठे धनं जयं कुर्यात” अर्थात छठे भाव में शनि के स्थित होने से धनवान और विजेता होता है। यदि शनि का मंगल से संबंध बन रहा हो तो जातक विदेश भ्रमण करता है। ऐसा जातक बंधु बान्धवों से युक्त होता है।

उपाय

  1. यदि जातक ज्यादा परेशान रह रहा है तो एक काला कुत्ता पालना चाहिए यदि ऐसा सम्भव न हो सके तो काले कुत्ते को रोटी खिलाना चाहिए।
  2. ॐ शं शनैश्चराय नमः का प्रतिदिन जप करें

उपर्युक्त फल एक सामान्य फल है किसी भी कुंडली में किसी भी ग्रह का फल कुंडली में स्थित अन्य ग्रह के दृष्टि साहचर्य के आधार पर देखनी चाहिए अतः अपने बुद्धि विवेक तथा अनुभव के आधार पर ही फलित करे।  जो जातक ज्योतिष नहीं जानते है वह कृपया इस फल को ब्रह्म सत्य न मानें क्योकि फलित सम्पूर्णता के आधार पर किया जाता है।

शनि प्रथम भाव में फलशनि दूसरे भाव में फलशनि तृतीय भाव में फल
शनि चतुर्थ भाव में फलशनि पंचम भाव में फलशनि षष्ठ भाव में फल
शनि सप्तम भाव में फलशनि अष्टम भाव में फलशनि नवम भाव में फल
शनि दशम भाव में फलशनि एकादश भाव में फलशनि बारहवें भाव में फल

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