Moon in second house – चन्द्रमा दूसरे भाव में

Moon in second house – चन्द्रमा दूसरे भाव में हो तो उसके घर में लक्ष्मी का वास होता है। इस स्थान में चन्द्रमा धन-धान्य की वृद्धि करता है। ऐसा जातक /जातिका सुन्दर नेत्रों वाला/ वाली होती है। ऐसे जातक की विशेष रूप से स्त्रियों में आसक्ति होती है। स्त्रियों के साथ विलास करता है। कहा जाता है की उसके घर में प्रसन्नतापूर्वक लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करती है।

Moon in second house

चन्द्रमा द्वितीय भाव में धन सुख देता है (Moon in second house gives wealth)

लग्न से द्वितीय भाव / स्थान को धन स्थान (House of Wealth)  कहा जाता है अतः यदि चन्द्रमा यहाँ उच्च का या शुभ भाव का स्वामी होकर स्थित है तो अवश्य ही आप धनवान होंगे इसमें संदेह नहीं। चन्द्रमा अधिकांश मामलों में लाभ देता है। आपकी आय अच्छी होगी साथ ही आप धन की बचत करने में भी रूचि रख पाएंगे। परन्तु यह सब कुंडली चन्द्रमा के स्थिति पर निर्भर करेगा यदि चन्द्रमा अशुभ ग्रहो से युक्त होगा तो चन्द्रमा के फल में कमी होगी। मनुष्य की आर्थिक स्थिति में समय-समय पर उतार-चढाव भी सम्भव है। ऐसे जातक का परिवार बड़ा हो सकता है।

चन्द्रमा द्वितीय भाव में (Moon in second house) वाणी तथा नेत्र दोष दे सकता है।

यदि चन्द्रमा ठीक स्थिति में नहीं हो तो उसकी प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) में कुछ व्यवधान हो सकता है इसका मुख्य कारण है कि दूसरा भाव प्राथमिक शिक्षा का भी भाव है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि चन्द्रमा  यदि षष्ठ भाव, अष्टम भाव तथा बारहवें भाव का स्वामी  होकर द्वितीय भाव में स्थित है तो जातक को वाणी  तथा  नेत्र  दोष (Eyes Problem) देता है।  यही नहीं इस स्थिति में पारिवारिक क्लेश भी देने समर्थ है।

राशि के अनुसार चन्द्रमा का फल (Moon result according to Sign)

यदि चन्द्रमा द्वितीय भाव में (Moon in second house) वृश्चिक या मकर राशि में हो तो अच्छा फल नहीं मिलता है। ऐसे जातक को धन सुख में कमी होती है। निस्तेज होता है। स्वभाव से ही खर्चीला होता है। बार-बार नुकसान के अवसर आते रहते हैं। वृश्चिक राशि में चन्द्रमा नीच का होता है ऐसा जातक अपना नुक्सान स्वयं के किसी गलत निर्णय लेने के कारण करता है। अतः  कोई भी निर्णय बड़ी ही समझबूझकर लेना चाहिए। यदि चन्द्रमा अमावस्या का है तो अपने जीवन काल में किसी न किसी समय अवश्य ही धन के मामले में तकलीफ करना पड़ेगा। यदि चन्द्रमा वृष अथवा कर्क राशि का हो तो धन की प्राप्ति होती है।

विदेश जाने से भाग्योदय होता है (Fortune through foreign travel)

यदि चन्द्रमा द्वितीय भाव में (Moon in second house) है और चन्द्रमा का फल अच्छा नहीं मिल रहा है तो ऐसे जातक को विदेश (Foreign) प्रवास करना चाहिए। यदि जातक विदेश में जाता है तो उसका भाग्योदय अवश्य होगा। यही नहीं सार्वजानिक संस्थाओं (Public Organization) के सम्बन्ध से भी भाग्योदय होता है। ऐसे व्यक्ति को किसी न किसी NGO से जुड़कर अवश्य ही रहना चाहिए।

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