Moon in Eighth House – अष्टम भाव में चन्द्रफल

Moon in Eighth House – अष्टम भाव में चन्द्रफल अशुभ माना गया है। यदि आपकी जन्म कुंडली में चन्द्रमा आठवें भाव में है तो आप जन्म समय से ही कोई न कोई रोग से परेशान रह सकते हैं। इसका मुख्य कारण है कि ज्योतिष शास्त्र में अष्टम भाव छिद्र भाव, मृत्यु भाव तथा बाधा उत्पन्न करने वाला भाव माना गया है। प्रसिद्ध ज्योतिषी ने अष्टम चन्द्र (Moon in Eighth House) के सम्बन्ध में कहा गया है —

अष्टमे तारकनाथे दीनोsल्पायुः सकष्टकः।

प्रगल्भश्च कृशांगश्च पापबुद्धिः भवेन्नरः।।

अर्थात जिस व्यक्ति के अष्टम में चन्द्रमा हो तो वह मनुष्य दीन, अल्पायुः, कष्टयुक्त, दुर्बल और पाप से युक्त बुद्धि वाला होता है।

Moon in Eighth House

अष्टम भाव में स्थित चन्द्रमा और स्वास्थ्य (Moon in Eighth house and Health)

अष्टम का चन्द्रमा नेत्र (Eyes) का रोग देता है। शीतज्वर की पीड़ा से भी परेशान होता है। शरीर में वायु प्रधान रोग होने के भी सम्भनाये बनी रहती है। यदि अशुभ ग्रहों के प्रभाव में भी चन्द्रमा है तो व्यक्ति को मूर्छा रोग होता है। परन्तु यह अनुभव में आया है कि यदि अमावस्या का जन्म है तो यह रोग अवश्य ही होता है। कई बार यह भी देखा गया है कि यदि मूर्च्छा रोग से पीड़ित नहीं है तो उस जातक के अंदर गुस्सा (Angry)बहुत होता है कभी कभी गुस्सा में ही मूर्च्छा वाला रूप दिखाई देने लगता है।

फलदीपिका बृहदजातक, जातकतत्त्व, मानसागरी में कहा गया है कि यदि चन्द्रमा छठे या आठवें भाव में बैठा है और कोई पाप ग्रह के प्रभाव में हो तो व्यक्ति अल्पायु (Short life) होता है। इसी कारण से अधिकांश ज्योतिषी आठवें चंद्र को अशुभ मानते हैं और सामान्यतः ज्योतिषी बिना किसी अन्य योग को देखें ही मृत्यु या बहुत अरिष्ट के रूप में अपना निर्णय सुनाने लगते हैं जो कि एकदम गलत है। हालांकि मेरे अनुसार केवल चन्द्रमा के वहाँ होने मात्र से यह फल फलित नहीं होता है। अष्टम चन्द्रमा ( Moon in Eighth House) के कुछ नकारात्मक पहलू तो है परन्तु अक्सर हम सकारात्मक पहलू को भूल जाते हैं। अष्टम चंद्र के बारे में ज्योतिषके विभिन्न ग्रंथों में चन्द्रमा के सकारात्मक पक्ष का भी वर्णन किया गया है।

मानसागरी और जातक परिजात दोनो इस बात की पुष्टि करता है कि यदि किसी व्यक्ति का जन्म कृष्ण पक्ष में दिन का हो या शुक्ल पक्ष में रात का जन्म हो और उसकी जन्म कुंडली में छठे या आठवें भाव में चंद्र हो और शुभ व पाप दोनों प्रकार के ग्रहों से दृष्ट हो तो भी व्यक्ति अल्पायु या बालारिष्ट नहीं होता। बल्कि ऐसा चंद्र बालक को माता-पिता की तरह रक्षा करता है।

मानसागरी के अनुसार यदि लग्न से अष्टम भाव में चन्द्रमा (Moon in Eighth House यदि शुभ ग्रहों यथा गुरु, बुध या शुक्र के द्रेष्काण में हे चन्द्रमा मृत्यु से रक्षा करता है। अत: यह स्पष्ट है कि अष्टम चन्द्र न केवल जीवन लेता है बल्कि जीवन प्रदान भी करता है।

राशि के अनुसार चन्द्रफल ( Chandrafal according to Sign)

यदि चन्द्रमा मेष,सिंह तथा धनु राशि में हो तो व्यक्ति को किसी न किसी रुप में धन का लाभ होता है। मिथुन तुला अथवा कुम्भ में चन्द्र हो तो जातक की पत्नी अच्छी मिलती है। उपर्युक्त सभी राशियों में स्थित चन्द्र होने से दाम्पत्य जीवन में नोकझोक चलती रहती है जिसके कारण जातक परेशान रहता है। कर्क, वृश्चिक और मीन का चन्द्रमा हो तो मनुष्य योग अभ्यास करने वाला, उपासक तथा वेद वेदान्त (आध्यात्म) में रूचि रखने वाला होता है।

विशेष (Special)

जातक को वाहन का सुख मिलता है। यदि चन्द्रमा अपने उच्च राशि में है तो दीर्घायु होता है। कई बार ऐसा अनुभव में आया है कि व्यक्ति को स्त्री के कारण अपने बंधू बांधव का त्याग करना पड़ता है या उनसे अनबन होता है। ऐसे व्यक्ति को नदी, तालाब, कुआ आदि से बचकर रहना चाहिए मृत्यु भय होता है। यदि ऐसा जातक बुद्धि-युक्त कार्य करता है तो सफलता मिलती है।

12 thoughts on “Moon in Eighth House – अष्टम भाव में चन्द्रफल”

  1. जन्म १६/१२/१९६६ सायं ६-१५ अकोला महाराष्ट्र ।कुंडली मे अष्टम स्थानमे चंद्र है ।रास मकर है। जातक अल्पायु हैक्या? जन्म तिथि मार्गशीर्ष शुद्ध ४ सह ५है।

    1. आप 50 वर्ष के हो चुके है और अल्पायु की बात कर रहे है वैसे
      केवल चन्द्रमा होने से ही अल्पायु नहीं होता इसके लिए कुंडली में स्थित अन्य ग्रह को भी देखा जाता है

  2. Sanjay Pursnani

    I would like to ask some certain questions related with my future life. How should I send you my horoscope?

  3. Mera janm 9/12/1978 time 11:05pm place kanpur (u.p) hai
    Mere damptya jeevan me aur sharirik swasthya me problem hai
    please upay batayen

  4. जातक का जन्म 23/5/2014 को 10 बजकर 20 सुबह का है कर्क लग्न है और आठवें स्थान पर चन्द्रमा है
    मैने भगत सिंह सुखदेव आदि क्रांतिकारइयो की कुंडली के अवलोकन किये इनमे भी कर्क लग्न और आठवे और बारहवे चंद्रमा है ये लोग अल्पायु रहे इस जातक की उम्र का आप क्या अवलोकन करेंगे और क्या उपाय होगा में भी ज्योतिष में रूचि रखता हूं किसी ने मेरे पास ये जन्मपत्री दी है और questan पूछा है !

  5. Rupjyoti Rajkhowa

    Sir mur jonom kundolir 7 sthanot mars aru saturn yuti aase.Ajon Astrolojer a koisil enekuwa yuti 7 sthanot thakile wife xunkale (Okalote) Dhukai.sir plz kotha2 Xosa neki jonabosun.mur jonmo 17/02/1988,,12:40 pm

  6. Akhilesh maurya

    Dob. 16 Aug 1998
    Place: Jaunpur
    Time : 10:16 am
    Questions: Mujhe apne carrer ke bare mai jana hai mujhe konsa job milega gov job ya private job milega . Marriage kb tk hoga or Paiso ke bare mai btaye ..

  7. Jashvant Patel

    Jashvant Patel
    Born at Ahmedabad Gujarat India
    August 8 1949 time 4.00 AM ( sthanik time).Local time.
    Have too much health problems and finial problems.
    Have too much opportunities in life for huge earnings.

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