राहु गोचर 2026 का मिथुन राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Gemini

राहु गोचर 2026 का मिथुन राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Gemini

राहु गोचर 2026 का मिथुन राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Taurusराहु गोचर 2026 का मिथुन राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Gemini .वर्तमान समय में राहु  25 नवम्बर 2026 तक कुम्भ राशि में भ्रमण करते रहेगा। राहु ग्रह की चाल वक्री होती है (जानें ! ग्रह क्यों होते हैं वक्री ?) इसी कारण राहु मीन से कुंभ में प्रवेश करेगा ।

आइये जानते है कि राहु का परिवर्तन से मिथुन राशि वाले जातक के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – धन, भाई-बंधू, माता-पिता, व्यवसाय,शिक्षा, परिवार, वैवाहिक जीवन इत्यादि क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा।

राहु गोचर 2026 का मिथुन राशि पर प्रभाव

सामान्य फल

मिथुन राशि में राहु के गोचर ( Rahu Transit in Leo) से आपके अंदर आध्यात्मिकता के प्रति भी रुझान बढ़ेगा हालांकि यह सब केवल दिखावा मात्र हो सकता है। आप अपने फायदे के लिए किसी न किसी आध्यात्मिक संस्था को जॉइन करेंगे इसका लाभ भी आपको मिलेगा।

इस स्थान में राहु आपके पिता के स्वास्थ्य लिए अच्छा नहीं है । पिता को कोई न कोई शारिरिक परेशानी का सामना करना पर सकता है। यदि आपके पिता कोई कार्य कर रहे है तो उन्हें कार्यस्थल पर परेशानी का अनुभव होगा। पिता के साथ आपके विचारात्मक भिन्नता हो सकती है। पिता की प्रॉपर्टी पर आप अपना दावा पेश कर सकते है जिसके कारण पिता को मानसिक व्याघात होगा तथा परिवार और समाज में बदनामी हो सकती है।

राहु आपके नवम भाव अर्थात भाग्यस्थान में गोचर किया है। कैरियर की उन्नति के लिए आपने जो भी प्रयास किये थे अब भाग्यस्थान का राहु उसे भाग्य से जोड़ने का प्रयास करेगा जो आपके लिए एक सुखद अनुभव होगा । किसी धार्मिक स्थल की यात्रा करने की संभावना बन रही है।

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मनोवृत्ति

राहु के गोचर ( Rahu Transit in Aquarius) की वजह से आपके अंदर राजसिक तथा तामसिक दोनों तत्त्व का संचार बढ़ जाएगा जिसके परिणामस्वरूप आपका स्वभाव दुर्योधन के अनुरूप हो सकता है अर्थात आपके अंदर क्रोध तथा उग्रता बढ़ जाएगी। अतः कुछ भी करने से पहले ठंढे दिमाग से सोचे तब कोई फैसला ले तो ठीक रहेगा। अचानक लिए गए फैसले से नुकसान होने की प्रबल सम्भावना है। संस्कृत के विद्वान् ने कहा है —-

सहसा विदधीत क्रियाम् अविवेकः परमापदां पदम्
वृणुते हि विमृश्यकारिणम् गुण लुब्धाः स्वयमेव हि संपदः

अर्थात बिना सोचे कोई भी काम नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेक पूर्वक किया गया कार्य परम् विपत्ति प्रदान करनेवाला होगा। गुण पर लब्ध होनेवाला वैभव खुद ही मानवको पसंद करता है। अतः अच्छी तरह सोच-विचार कर किसी कार्य को अंजाम दें।

शिक्षा

छात्र इस समय किसी भी कार्य को शार्ट कट करने में रूचि रखेंगे जो की उचित नहीं है। इस समय इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओ का प्रयोग ज्यादा करने लगेंगे जो इनके परीक्षा परिणाम को प्रभावित करेगा।

नवम भाव धार्मिक स्थल तथा लम्बी यात्रा का भाव है अतः किसी पवित्र स्थल पर यात्रा होगी। साथ ही यह भाव विदेश यात्रा ( Foreign travel and settlement ) भी कराता है यदि आप विदेश जाने के लिए इच्छुक है तो इसके लिए प्रयास शुरू कर देना चाहिए।

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