पहले भाव का स्वामी तीसरे भाव में | First lord in third house
पहले भाव का स्वामी तीसरे भाव में | First lord in third house तीसरा भाव सहज परिश्रम का भाव है यदि इस भाव में लग्न का स्वामी बैठा है तो ऐसा जातक अपने प्रयास से अपना भविष्य निर्माण करता है। यदि ऐसा व्यक्ति अपने भाग्य को कोसता है तो वह [...]
