प्रथम भाव के स्वामी का दूसरे भाव में फल | First lord in second house
प्रथम भाव के स्वामी का दूसरे भाव में फल | First lord in second house दूसरा भाव धन भाव का स्थान है यदि इस भाव में लग्न का स्वामी बैठा है तो ऐसा जातक अपने प्रयास से धन की बढोतरी करता है। वह अपने जीवन में धन की कमी नहीं [...]
